मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों से लिया जा चुका है सुझाव
सीएम दे चुके है संकेत
बता दें कि लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर सीएम गहलोत भी पहले ही संकेत दे चुके हैं।
शुक्रवार देर रात कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गहलोत ने कहा था कि प्रदेशवासियों को संयम और अनुशासन बरकरार रखने की जरूरत है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए जन अनुशासन पखवाड़ा एवं महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर दिखने लगा है, लेकिन संक्रमण की स्थिति एवं मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।गहलोत ने कहा, ‘‘ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से अनुपालन करने के साथ ही सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा। तभी हम कोविड-19 के खतरे को कम कर पाएंगे।
सीएम दे चुके है संकेत
बता दें कि लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर सीएम गहलोत भी पहले ही संकेत दे चुके हैं।
शुक्रवार देर रात कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गहलोत ने कहा था कि प्रदेशवासियों को संयम और अनुशासन बरकरार रखने की जरूरत है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए जन अनुशासन पखवाड़ा एवं महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर दिखने लगा है, लेकिन संक्रमण की स्थिति एवं मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।गहलोत ने कहा, ‘‘ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से अनुपालन करने के साथ ही सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा। तभी हम कोविड-19 के खतरे को कम कर पाएंगे।
मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों से लिया जा चुका है सुझाव
बता दें कि लॉकडाउन को लेकर शनिवार को करीब चार घंटे तक मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिन का लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया था। साथ ही कोरोना के चलते जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है, उनके परिजनों को भी आर्थिक पैकेज देने के सुझाव दिया था। इसके अलावा दैनिक कामकाज के जरिए अपना परिवार चलाने वाले निर्धन लोगों के लिए भी राहत पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रों से चर्चा की थी। आज शाम तक इस संबंध में घोषणा हो सकती है।
यहां- इनको मिल सकती है रियासत
मनरेगा में छूट : लॉकडाउन की पहली अवधि में मनरेगा के कामकाज को स्थित कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि नई गाइडलाइन में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मनरेगा में कामकाज करने की छूट दी जा सकती है. मनरेगा के कामकाज ठप्प होने से गांवों में रोजगार के संकट पैदा हो गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों को भी मिल सकती है रियायत : नई गाइडलाइन में सरकार पेट्रोल पंप संचालकों को भी राहत दे सकती है। अब पेट्रोल पंप खुलने के समय में छूट देते हुए समय बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश में फिलहाल पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए खुल रहे हैं।
मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों से लिया जा चुका है सुझाव
बता दें कि लॉकडाउन को लेकर शनिवार को करीब चार घंटे तक मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिन का लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया था। साथ ही कोरोना के चलते जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है, उनके परिजनों को भी आर्थिक पैकेज देने के सुझाव दिया था। इसके अलावा दैनिक कामकाज के जरिए अपना परिवार चलाने वाले निर्धन लोगों के लिए भी राहत पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रों से चर्चा की थी। आज शाम तक इस संबंध में घोषणा हो सकती है।
यहां- इनको मिल सकती है रियासत
मनरेगा में छूट : लॉकडाउन की पहली अवधि में मनरेगा के कामकाज को स्थित कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि नई गाइडलाइन में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मनरेगा में कामकाज करने की छूट दी जा सकती है. मनरेगा के कामकाज ठप्प होने से गांवों में रोजगार के संकट पैदा हो गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों को भी मिल सकती है रियायत : नई गाइडलाइन में सरकार पेट्रोल पंप संचालकों को भी राहत दे सकती है। अब पेट्रोल पंप खुलने के समय में छूट देते हुए समय बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश में फिलहाल पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए खुल रहे हैं।
बता दें कि लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर सीएम गहलोत भी पहले ही संकेत दे चुके हैं।
शुक्रवार देर रात कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गहलोत ने कहा था कि प्रदेशवासियों को संयम और अनुशासन बरकरार रखने की जरूरत है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए जन अनुशासन पखवाड़ा एवं महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर दिखने लगा है, लेकिन संक्रमण की स्थिति एवं मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।गहलोत ने कहा, ‘‘ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से अनुपालन करने के साथ ही सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा। तभी हम कोविड-19 के खतरे को कम कर पाएंगे।
सीएम दे चुके है संकेत
बता दें कि लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर सीएम गहलोत भी पहले ही संकेत दे चुके हैं।
शुक्रवार देर रात कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गहलोत ने कहा था कि प्रदेशवासियों को संयम और अनुशासन बरकरार रखने की जरूरत है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए जन अनुशासन पखवाड़ा एवं महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर दिखने लगा है, लेकिन संक्रमण की स्थिति एवं मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।गहलोत ने कहा, ‘‘ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से अनुपालन करने के साथ ही सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा। तभी हम कोविड-19 के खतरे को कम कर पाएंगे।
मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों से लिया जा चुका है सुझाव
बता दें कि लॉकडाउन को लेकर शनिवार को करीब चार घंटे तक मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिन का लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया था। साथ ही कोरोना के चलते जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है, उनके परिजनों को भी आर्थिक पैकेज देने के सुझाव दिया था। इसके अलावा दैनिक कामकाज के जरिए अपना परिवार चलाने वाले निर्धन लोगों के लिए भी राहत पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रों से चर्चा की थी। आज शाम तक इस संबंध में घोषणा हो सकती है।
यहां- इनको मिल सकती है रियासत
मनरेगा में छूट : लॉकडाउन की पहली अवधि में मनरेगा के कामकाज को स्थित कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि नई गाइडलाइन में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मनरेगा में कामकाज करने की छूट दी जा सकती है. मनरेगा के कामकाज ठप्प होने से गांवों में रोजगार के संकट पैदा हो गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों को भी मिल सकती है रियायत : नई गाइडलाइन में सरकार पेट्रोल पंप संचालकों को भी राहत दे सकती है। अब पेट्रोल पंप खुलने के समय में छूट देते हुए समय बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश में फिलहाल पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए खुल रहे हैं।
मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों से लिया जा चुका है सुझाव
बता दें कि लॉकडाउन को लेकर शनिवार को करीब चार घंटे तक मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिन का लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया था। साथ ही कोरोना के चलते जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है, उनके परिजनों को भी आर्थिक पैकेज देने के सुझाव दिया था। इसके अलावा दैनिक कामकाज के जरिए अपना परिवार चलाने वाले निर्धन लोगों के लिए भी राहत पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रों से चर्चा की थी। आज शाम तक इस संबंध में घोषणा हो सकती है।
यहां- इनको मिल सकती है रियासत
मनरेगा में छूट : लॉकडाउन की पहली अवधि में मनरेगा के कामकाज को स्थित कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि नई गाइडलाइन में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मनरेगा में कामकाज करने की छूट दी जा सकती है. मनरेगा के कामकाज ठप्प होने से गांवों में रोजगार के संकट पैदा हो गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों को भी मिल सकती है रियायत : नई गाइडलाइन में सरकार पेट्रोल पंप संचालकों को भी राहत दे सकती है। अब पेट्रोल पंप खुलने के समय में छूट देते हुए समय बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश में फिलहाल पेट्रोल पंप सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए खुल रहे हैं।
सीएम दे चुके है संकेत
बता दें कि लॉकडाउन को बढ़ाने को लेकर सीएम गहलोत भी पहले ही संकेत दे चुके हैं।शुक्रवार देर रात कोविड संक्रमण, लॉकडाउन तथा संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य संबंधित विषयों पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गहलोत ने कहा था कि प्रदेशवासियों को संयम और अनुशासन बरकरार रखने की जरूरत है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए जन अनुशासन पखवाड़ा एवं महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन जैसे सख्त कदमों का असर दिखने लगा है, लेकिन संक्रमण की स्थिति एवं मृत्यु दर अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।गहलोत ने कहा, ‘‘ऐसे में हमें लॉकडाउन का और अधिक सख्ती से अनुपालन करने के साथ ही सामाजिक व्यवहार में संयम और अनुशासन को लगातार बरकरार रखना होगा। तभी हम कोविड-19 के खतरे को कम कर पाएंगे।
मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों से लिया जा चुका है सुझाव
बता दें कि लॉकडाउन को लेकर शनिवार को करीब चार घंटे तक मंत्रिपरिषद की बैठक में विशेषज्ञों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिन का लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया था। साथ ही कोरोना के चलते जिन व्यक्तियों का निधन हो चुका है, उनके परिजनों को भी आर्थिक पैकेज देने के सुझाव दिया था। इसके अलावा दैनिक कामकाज के जरिए अपना परिवार चलाने वाले निर्धन लोगों के लिए भी राहत पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ने मंत्रों से चर्चा की थी। आज शाम तक इस संबंध में घोषणा हो सकती है।
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